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दंतेवाड़ा : मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से वनांचल के माताओं और बच्चों को मिल रहा है गरम पौष्टिक भोजन

दंतेवाड़ा  : मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से वनांचल के माताओं और बच्चों को मिल रहा है गरम पौष्टिक भोजन

मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान कुपोषण मुक्ति की दिशा में एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य राज्य को 3 वर्ष के भीतर कुपोषण और एनीमिया से मुक्त करना है। प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के साथ ही दन्तेवाड़ा जिले में 24 जून 2019 से शुरू इस सुपोषण अभियान के अंतर्गत जिले के 124 ग्राम पंचायतों के 271 सुपोषण केन्द्रों के जरिये करीब 13 हजार से अधिक हितग्राहियों को गरम पौष्टिक भोजन से लाभान्वित किया जा रहा है। जिले में उक्त अभियान के अंतर्गत उन हितग्राहियों को प्राथमिकता के साथ लक्षित किया गया है जो कुपोषण और एनीमिया से सर्वाधिक प्रभावित हैं।

जिसमें शिशुवती माताओं, शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं तथा 1 से 3 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को लक्षित कर सुपोषण केन्द्रों के माध्यम से हरदिन दोपहर में गरम पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के संचालन में समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए ग्राम पंचायतों के द्वारा महिला स्व-सहायता समूहों के जरिये गरम पौष्टिक भोजन सुलभ कराया जा रहा है।

इसके साथ ही उक्त योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं को जोड़कर उन्हें लक्षित हितग्राहियों को सुपोषण केन्द्रों तक नियमित रूप से लाने हेतु दायित्व सौंपा गया है, जो हितग्राहियों को लाभान्वित होने के लिए उत्प्रेरक का कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही इस योजना का विस्तार कर आंगनबाड़ी केंद्रों में लाभान्वित होने वाले लगभग ढाई हजार से अधिक गर्भवती माताओं तथा 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के साढ़े 12 हजार बच्चों को अतिरिक्त आहार के रूप में अंडा और मूंगफली-गुड़ एवं फूटा चना का लड्डू उपलब्ध कराया जा रहा है।

आंगनबाड़ी केंद्रों में इन लक्षित माताओं और बच्चों को प्रतिदिन गरम नाश्ता एवं भोजन परोसा जाता है। वहीं 1 से 3 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को टेक-होम राशन प्रदान किया जाता है। अब राज्य शासन की नवीनतम मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के माध्यम से जिले के करीब 28 हजार 270 लक्षित हितग्राहियों को गरम पौष्टिक भोजन परोसा जा रहा है। वहीं अतिरिक्त आहार के रूप में अंडा और लड्डू उपलब्ध कराया जा रहा है।

जिसमें एक से 6 वर्ष आयु समूह के सभी बच्चों सहित शिशुवती माताओं, गर्भवती माताओं और 10 से 19 वर्ष आयु वर्ग की सभी शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं को समुदाय की सहभागिता के जरिये गरम पौष्टिक भोजन और अंडा एवं लड्डू उपलब्ध हो रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप दन्तेवाड़ा जिले में इस महत्वाकांक्षी योजना को जिला खनिज न्यास निधि के वित्त पोषण के जरिये संचालित किया जा रहा है। उक्त योजना को लगभग 252 महिला स्व-सहायता  समूहों की ढाई हजार से अधिक महिलाओं द्वारा सक्रिय सहभागिता के साथ संचालित किया जा रहा है।

इन महिला समूहों की सभी महिलाओं सहित हरेक सुपोषण केन्द्रों के पांच-पांच मितानिनों को भी गरम पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि भोजन को हितग्राहियों की रुचि तथ गुणवत्ता के अनुरूप तैयार करने में सभी की भागीदारी सुनिश्चित किया जा सके। इस सुपोषण अभियान के अंतर्गत सुपोषण केन्द्रों से सम्बद्ध हरेक महिला समूह को प्रति हितग्राही हरदिन 3 रुपये 50 पैसे की दर से अन्य आकस्मिक व्यय की राशि अतिरिक्त रूप में प्रदाय की जा रही है,जो महिला समूहों की आजीविका का एक अतिरिक्त साधन है।

इसके माध्यम से हरेक महिला समूह को प्रति माह लगभग 4 हजार 530 रुपये अन्य आकस्मिक व्यय की राशि का भुगतान किया जाता है। वहीं हर महीने महिला समूह की 10 महिलाओं को प्रतिदिन 25 रुपये 65 पैसे की दर से लगभग 6 हजार 670 रुपये का पौष्टिक भोजन  निःशुल्क सुलभ कराया जा रहा है। इस तरह उन्हें हरदिन करीब 4 घण्टे कार्य करने के एवज में एक निश्चित आय के साथ ही पौष्टिक आहार भी उपलब्ध हो रहा है, जिससे इन महिला समूहों की महिलाओं द्वारा योजना के संचालन में भावनात्मक जुड़ाव महसूस किया जा रहा है।

यही वजह है कि जिले में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान को बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के बारे में कारली की शिशुवती मातायें जयंती और प्रमिला आतरा ने बताया कि घर-परिवार में साधारण भोजन से बच्चों के सेहत के लिए पोषक तत्त्व नहीं मिल पाता है, उसे इस योजना के जरिये मिल रहे गरम पौष्टिक भोजन तथा अंडा एवं लड्डू के जरिये सुलभ कराया जाना सराहनीय पहल है। इन माताओं ने उक्त योजना के कारगर कार्यान्वयन के लिए सरकार को धन्यवाद दिया।