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दो दिन में फिर प्याज की कीमत 15 रु. बढ़ी, थोक में 80 रु. किलो

दो दिन में फिर प्याज की कीमत 15 रु. बढ़ी, थोक में 80 रु. किलो

प्याज की कीमत एक बार फिर बढ़ने लगी है। दो दिन पहले तक थोक में प्याज 60 से 65 रुपए किलो में बिक रहा था, लेकिन आवक कम होने की वजह से इसकी कीमत फिर बढ़ी और 80 रुपए तक पहुंच गई है। चिल्हर दुकानदार बाजारों में 90 रुपए किलो तक बेच रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी ऐसे लोगों को हो रही है जो चिल्हर प्याज खरीदने के लिए बाजारों में नहीं जा रहे हैं। वे अपनी कालोनी और मोहल्लों की किराना और सब्जी दुकानों से प्याज की खरीदी कर रहे हैं। उन्हें प्याज 100 रुपए किलो से कम नहीं मिल रही है। इस वजह से यह परेशानी और बढ़ गई है। 

आने वाले दिनों में कीमतों को लेकर चिल्हर और थोक कारोबारी कुछ नहीं बोल रहे हैं। शहर के सभी सरकारी काउंटरों पर थोक कारोबारी ही प्याज की सप्लाई कर रहे हैं। उनके पास भी स्टॉक कम होने की वजह से वे सरकारी काउंटरों पर 90 रुपए किलो में ही प्याज बेच रहे हैं। अधिकतर लोग एक-दो किलो ही प्याज खरीदते हैं, इसलिए उन्हें 90 रुपए किलो ही देने पड़ रहे हैं। बोरियों में प्याज लेने वालों को ही 80 रुपए किलो में प्याज मिल रही है। खाद्य विभाग के अफसरों का कहना है कि प्याज के आवक-जावक दोनों पर ही नजर रखी जा रही है। कहीं भी अवैध स्टॉक या कालबाजारी की शिकायत नहीं मिली है। 

अफगानिस्तान की प्याज नहीं आ रही पसंद : राजधानी में अभी अफगानिस्तान की प्याज मिल रही है, लेकिन इसकी बिक्री बेहद कम हो गई है। इस विदेशी प्याज को खरीदने वाले लोगों का कहना है कि एक तो ये वजन में ज्यादा है दूसरा इसमें झार नहीं है। इस प्याज को काटते समय आंखों में आंसू भी नहीं आ रहे हैं। एक बार प्याज को काटने के बाद उसे सुरक्षित रखना पड़ता है। इस वजह से भी लोग इस प्याज की खरीदी कम कर रहे हैं। थोक कारोबारियों का कहना है कि अब तुर्की के प्याज का ऑर्डर दिया जा रहा है। इस प्याज की क्वालिटी बेहतर है और यह वजन में भी कम है।

सरकारी काउंटरों में बाजार से ज्यादा कीमत

प्रशासन ने लोगों को राहत देने के लिए शहर के अलग-अलग आठ स्थानों पर प्याज के सरकारी काउंटर खोले हैं। काउंटर खुलने के दो-चार दिन तो स्थिति ठीक रही अब वे केवल नाम के रह गए हैं। थोक में प्याज 80 रुपए किलो मिल रही है, लेकिन सरकारी काउंटरों में 90 रुपए में प्याज बेजी जा रही है। थोक कारोबारियों ने खाद्य विभाग के अफसरों से दो टूक कह दिया है कि उन्हें जिस कीमत में प्याज खरीदना पड़ रहा है उससे कम कीमत नहीं की जा सकती है। प्याज की बिक्री के लिए कोई सब्सिडी भी नहीं है। इसलिए सरकारी काउंटरों पर कम कीमत में प्याज नहीं बेची जा सकती है।

कारोबार नहीं हुआ कम 

आलू-प्याज थोक कारोबारी संघ के अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि प्याज की कीमत बढ़ने के बाद ऐसा लग रहा था कि कारोबार आधा हो जाएगा। लेकिन अभी तक इसके कारोबार पर बड़ा असर नहीं हुआ है। प्याज की बिक्री सामान्य है। अभी शादियों का सीजन है। इस वजह से भी प्याज का कारोबार प्रभावित नहीं हुआ है। पिछले हफ्ते प्याज की कीमत कम होने की वजह से लोगों ने बोरियों में भी प्याज खरीदी थी।