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निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम : शिक्षक एक लीडरशिप की भूमिका में रहते हुए आगेे बढ़कर स्कूल में बदलाव लाएंगे

निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम : शिक्षक एक लीडरशिप की भूमिका में रहते हुए आगेे बढ़कर स्कूल में बदलाव लाएंगे

निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रारंभिक सत्र को सम्बोधित करते हुए न्यूपा नई दिल्ली की डॉ. चारू स्मिता मलिक ने कहा कि शिक्षक एक लीडरशिप की भूमिका में रहते हुए आगेे बढ़कर स्कूल में बदलाव लाएंगे, तभी शिक्षा की पद्धति में गुणात्मक सुधार होगा। उन्होंने बताया कि 7 और 8 जनवरी को दो दिन का सत्र लीडरशिप पर केन्द्रित है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और स्कूल के नेतृत्वकारी व्यक्तियों के प्रशिक्षण अब तक अलग-अलग होते थे। अकादमिक और प्रशासनिक स्तर पर करने वाले सभी स्तर के व्यक्तियों को एक मंच पर एकत्रित कर ‘विजन‘ विकसित किया जाएगा। निष्ठा में भी सभी स्तर के व्यक्ति एक साथ कार्य करेंगे।

विशेष सत्र को निष्ठा के वाईस चेयरमेन और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एन.सी.ई.आर.टी) के प्रोफेसर विजय पाल सिंह ने शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के लिए प्रारंभ राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में राज्य स्रोत व्यक्तियों को नेशनल रिसोर्स गु्रप द्वारा ‘लीडरशिप‘ और ‘निष्ठा‘ का परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक की भूमिका समाज के निर्माण में प्रमुख है। अच्छे समाज निर्माण के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का होना आवश्यक है। इसके लिए सबको एक साथ मिलकर कार्य करना होगा।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के संयुक्त संचालक डॉ. योगेश शिवहरे ने बताया कि राज्य रिसोर्स पर्सन्स प्रशिक्षण के बाद अब ज्यादा मजबूत होंगे, क्योंकि उनके अधिकार क्षेत्र में वृद्धि की जा रही है। राज्य रिसोर्स पर्सन्स ऐसे व्यक्ति चुने गए हैं जो क्षमतावान, ऊर्जावान, उत्साही एवं मृदुभाषी हो। डॉ. शिवहरे ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्कूल शिक्षा विभाग प्रतिबंद्ध है। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम को उच्च प्राथमिकता से संचालित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार किए गए है। जिसकी चर्चा प्रशिक्षण सत्र में 9 और 10 जनवरी को की जाएगी।

 इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण की नियमावली के संबंध में जानकारी दी गई। विशेष सत्र का संचालन श्री प्रशांत पाण्डेय ने और अभार प्रदर्शन श्री ए.के. सारास्वत ने किया। कार्यक्रम में एन.सी.ई.आर.टी. की प्रोफेसर शशिप्रभा, डॉ. सुरेश मकवाना, प्रोफेसर जितेन्द्र पाटीदार, राज्य समन्वयक डॉ. संजय गुहे, सुश्री विद्या चन्द्राकर, श्री संतोष तंबोली, श्री डी.दर्शन, डॉ.बी. रघ्घु, श्री कौस्तुभ चटर्जी, एन.आर.जी. के श्री आशीष गौतम, श्री शैलेन्द्र गुप्ता सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए राज्य स्रोत व्यक्ति उपस्थित थे।