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डॉ.खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार से सम्मानित हुए खीरसागर पटेल

डॉ.खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार से सम्मानित हुए खीरसागर पटेल

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायगढ़ जिले के सारंगढ़ विकासखण्ड के ग्राम-मानिकपुर निवासी श्री खीरसागर पटेल को वर्ष 2019 का डॉ.खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार राज्य स्थापना दिवस पर आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में प्रदान किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री यशवंत कुमार ने श्री खीरसागर पटेल को बधाई व शुभकामनाएं दी है।

श्री पटेल ने बताया कि कृषि ही उनके जीविकोपार्जन का मुख्य साधन है। प्रारंभ में मैं केवल एक फसलीय कृषि कार्य करता था, इससे परिवार के भरण-पोषण लायक आय ही प्राप्त हो पाती थी। अपनी कृषि कार्याे को विस्तार देने हेतु सर्वप्रथम कृषि विभाग के योजनान्तर्गत नलकूप का खनन करवाया तथा रबी मौसम में भी धान व गेहूं की फसल लेने लगा। जिससे मेरी आमदनी दोगुनी हो गई। आगे मैंने स्प्रिंकलर पद्धति सिंचाई को अपनाकर रबी मौसम में कम पानी का उपयोग करते हुए गेहूं, दलहन, तिलहन आदि फसलों का उत्पादन लिया। इस प्रकार मेरी आमदनी में वृद्धि होने लगी तथा कृषि संबंधी नवीन तकनीकों के प्रति मेरा रूझान बढऩे लगा। कृषि, पशुपालन एवं उद्यानिकी विभाग के विशेषज्ञों के संपर्क में आकर मैने कृषिगत फसलों में तिलहन एवं दलहन फसलों को ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर लगाने के साथ-साथ डेयरी एवं सब्जी उत्पादन का कार्य भी प्रारंभ किया। जिससे मैं 3 से 4 लाख रुपए की अतिरिक्त शुद्ध आमदनी अर्जित करने लगा।

आगे कृषि विभाग से मशीनीकरण योजनान्तर्गत रोटावेटर अनुदान में प्राप्त किया जिसका उपयोग रबी फसलों के भूमि तैयारी में करने लगा और उद्यानिकी फसलों का रकबा भी बढ़ाते हुए अधिक सब्जियां उगाने लगा। इस प्रकार मैने कृषि, उद्यान एवं पशुपालन विभाग की योजनाओं के अनुसार कार्य करते हुए मेरी आमदनी लगभग 9 लाख रुपए हो गई। पशुपालन से प्राप्त गोबर एवं गौमूत्र से बायो गैस ईंधन तथा जैविक कम्पोस्ट बनाने लगा। जिससे कृषि लागत में लगभग 10 प्रतिशत की कमी आयी जो अतिरिक्त आय के रूप में मुझे प्राप्त हुई। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से घर के छत में जैविक खाद का प्रयोग करते हुए सब्जियां उगाकर अच्छा उत्पादन प्राप्त किया। मैने पंखा एवं तेल टीना से ऐसा मॉडल तैयार किया है जिसका उपयोग मैं खेत से जंगली-जानवर तथा पक्षियों को भगाने में करता हूं। जिससे मेरा नुकसान कम हो गया है और रात में खेत की देखरेख भी नहीं करनी पड़ती है।

मैं शासन-प्रशासन, कृषि, उद्यानिकी व पशुपालन विभाग का बहुत आभारी हूं जिनसे मुझे कृषि एवं उससे संबंधित नवीन तकनीकों व योजनाओं की जानकारी मिलती है और मैं अपना कृषि कार्य बेहतर तरीके से कर पाता हूं। फलस्वरूप मेरी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और मैं अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत करते हुए अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलवा पा रहा हूं।