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रायपुर : पुणे में फंसी युवतियों को सही सलामत उनको कश्मीर छोड़ने पर सरदार परविंदर सिंह भाटिया का किया गया सम्मान

रायपुर : पुणे में फंसी युवतियों को सही सलामत उनको कश्मीर छोड़ने पर सरदार परविंदर सिंह भाटिया का किया गया सम्मान
पुणे में फंसी जम्मू कश्मीर की मुस्लिम बच्चियों को  तंग हालात और विपरीत परिस्थितियों में सिख समाज  एवं  रायपुर के सरदार परविंदर सिंह भाटिया ने जम्मू कश्मीर जाकर बच्चियों के घर-घर तक छोड़ा सिख समाज में एकता कि एक नई मिसाल कायम की उन्होंने साबित किया की इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है भाईचारे के इस  जज्बे को सलाम करते हुए अहम भूमिका  में रहे रायपुर के  सरदार परविंदर सिंह भाटिया का सम्मान सर्वास्था मंच  रायपुर द्वारा कारी इमरान अशरफी इमाम साहब की अध्यक्षता में रविवार सुबह , घासीदास संग्रहालय  किया गया।  



परविंदर सिंह भाटिया जी का शुक्रिया अदा करने कई अन्य संस्थाएं भी मौजूद रही जिसमें ऑल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, रहबर फॉउंडेशन ,फातेसह ट्रस्ट , ऑल इंडिया कौमी एकता कमेटी, मुस्लिम  इंटेलेक्चुअल फोरम, सोशल वेलफेयर ग्रुप ,छत्तीसगढ़ ब्राह्मण समाज, राजातालाब संतोषी नगर  संजय नगर अनुपम नगर के मुतवल्ली, सोनी समाज, लायंस क्लब ,महिलाओं की तेजस्विनी ग्रुप ,आदि की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ा दिया एक समय तो ऐसा आया की परविंदर सिंह भाटिया रो पड़े और उनके साथ सभागार में मौजूद बहुत से लोग भी रो पड़े परविंदर सिंह भाटिया जी ने बताया की किन चुनौतियों का सामना कर कैसे इस काम को अंजाम तक पहुचाया । 

बताते हैं कि धारा 370 हटाने से पहले ये युवतियां कश्मीर से पुणे जॉब के लिए पहुंची थीं। इंटरव्यू के दौरान ही केंद्र सरकार के फैसले के बाद उनका कश्मीर में अपने परिजनों से संपर्क टूटू गया। क्योंकि वहां फोन-मोबाइल सब बंद थे। इन युवतियों की लाख कोशिश के बाद भी वे परिजनों की खबर नहीं ले सकीं। युवतियों के अनुसार पुणे में उन्हें कुछ लोगों ने दिग्भ्रमित भी किया। कुछ लोगों ने उन्हें दुबई में जॉब दिलाने की बात कही। इस बीच ये युवतियां जिन सीनियर लेडी  रुकय्या किरमानी साथ गई थी वह किसी तरह दिल्ली पहुंच गई।

उसने दिल्ली में दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी को अपनी व्यथा बताई। इतना सुनते ही पूरा सिख समाज हरकत में आ गया। फेस बुक व मोबाइल पर पूरे समाज से मदद मांगी गई। दिल्ली के निर्देश पर पुणे सिख समाज के लोग लेह ग्राउंड पहुंचे जहां कश्मीरी युवतियां फंसी थीं। 4-5 इनोवा व मिनी बस में भरकर पहुंचे सिख समाज के लोगों के साथ गुरुद्वारा पहुंची। पहले सबको भोजन कराया गया। किसी के पास पैसे नहीं थे। फिर सबको कश्मीर ले जाने के लिए हवाई टिकटों का प्रबंधन करने रायपुर से दिल्ली तक लोग सामने आए।

पुणे, मुंबई, दिल्ली होते हुए ये लोग सभी को लेकर कश्मीर पहुंचे।  भोला भैया, हरपाल सिंह सलूजा, की भी इसमें अहम भूमिका रही।  सभी युवतियों को कश्मीर घरों तक छोड़ने तीन सिख साथ गए। इनमें बलजीत सिंह (बब्लू), अहलूवालिया और परविंदर सिंह शामिल थे। भाटिया ने बताया कि जब वे वहां पहुंचे तो सारी दुकानें बंद थीं। सड़कों पर कोई नजर नहीं आ रहा था। तब आर्मी से मदद ली गई। टैक्सियां भी बड़ी मुश्किल से मिलीं।

कुछ लोगों ने तो एक हद तक जाने के बाद आगे जाने से मना कर दिया क्योंकि युवतियां श्रीनगर से 50 से 70 किलोमीटर दूर तक के नगरों की थीं। भाटिया की माने तो बलजीत सिंह जिन युवतियों को लेकर गए वहां शहर में लोगों ने घेर लिया। जब उन्हें बताया गया कि आपकी ही बेटियों को छोड़ने आएं हैं तब उन्होंने घेरेबंदी छोड़ी। इन चुनौतियों के बाद बच्चियों को घर के दरवाजे तक छोड़ा । 

इस कार्यक्रम के  अंत में  मुस्लिम समाज ने  भाटिया जी को पाक कुरान  तोहफे में दिया और  राष्ट्रगान के साथ  कार्यक्रम का  समापन हुआ  इस कार्यक्रम में सर्वास्था मंच के फादर सबास्टिन, सैय्यद फैसल रिजवी , सरदार मनमोहन सिंह सैलानी आदित्य झा, सत्य वर्धन तिवारी ,प्रेमशंकर गोटिया ,फहीम अंसारी, जैन समाज से विमल जैन , रिज़वान हमज़ा ,शफीक कुरैशी ,नदीम रजा ,एमके गोरी ,अब्दुल वाहिद , गायत्री परिवार से सोमनाथ चंद्राकर ,अब्दुल कलीम ,अलीम रजा, कहकशा दानी, सविता गुप्ता, अजय शर्मा ,अशरफ खान ,समीर अख्तर ,मोहम्मद जाकिर, मोहम्मद सिराज उपस्थित रहे ।