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चीन में सरकार की ओर से कोरोना वायरस से हुई मौत के आंकड़ों पर अब उठने लगे सवाल

चीन में सरकार की ओर से कोरोना वायरस से हुई मौत के आंकड़ों पर अब उठने लगे सवाल

दुनिया भर के देश कोरोना वायरस का संक्रमण झेल रहे हैं और अपने यहां इससे बचाव के इंतजाम करने में लगे हुए हैं। भारत, ब्रिटेन और अमेरिका सहित दुनिया भर के देशों में लॉकडाउन की स्थिति है। जो जहां है उसे वहीं रहने के लिए कहा जा रहा है। सरकारें जरूरी मेडिकल सुविधाएं मुहैया करा रही हैं मगर वो भी पर्याप्त नहीं है।

भारत के तमाम राज्य लॉकडाउन है। कुछ प्रदेशों में कर्फ्यू भी लगा दिया गया है जिससे लोग अपने घरों में रह सकें। चीन के वुहान और हुबेई प्रांत से शुरू हुआ कोरोना ने अब पूरी दुनिया में दस्तक दे दी है, जिन देशों ने वायरस से उबरने के लिए पहले उपाय कर लिए हैं वहां तो आंकड़ा कम है मगर इसमें भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है। 

चीन ने कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जिस हिसाब से युद्ध स्तर पर काम शुरू किया था, उसको देखते हुए यही कहा जा रहा है कि ये संक्रमण इतना हल्का नहीं था। ना ही इससे मरने वालों की संख्या इतनी कम रही होगी। भले ही सरकार ने अपनी फजीहत छिपाने के लिए आंकड़ों में खेल कर दिया हो मगर सच कुछ और ही होगा। हालात बहुत अधिक खराब हुए होंगे तभी नए अस्पताल बना दिए गए, सभी को घरों में कैद कर दिया गया। यदि वायरस का प्रकोप कम होता तो 24 घंटे चलने वाले शहरों में कभी लॉकडाउन की स्थिति नहीं बनती।

कोरोना से लड़ने के लिए किए थे युद्धस्तर पर इंतजाम

चीन में जैसे-जैसे कोरोना ने पैर पसारने शुरू किए, मौतों के आंकड़ें सामने आने लगे, उसी के बाद चीन ने युद्ध स्तर पर इसकी रोक के उपाय करने शुरू किए। 10 दिनों में 1000 बेड का अस्पताल बना दिया, जिम, स्टेडियम सहित अन्य जगहों पर अस्थायी तौर पर बेड लगाकर उन्हें अस्पताल में बदल दिया गया। वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए कंपनियों को सिर्फ मास्क और सैनिटाइजर बनाने के लिए कहा गया। जिन दो शहरों से ये वायरस फैला था उन्हें दो माह तक पूरी तरह से बंद रखा गया। अब वहां के हालात सामान्य हुए हैं।

दस्तावेजों के जरिए सरकारी आंकड़ों पर उठ रहे सवाल

चीन में कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते हुई मौतों का जो आंकड़ा सामने आ रहा है, उस पर सवाल उठने लगे हैं। कई चीनियों ने मोबाइल फोन यूजर्स की संख्या में भारी गिरावट का हवाला देते हुए दावा किया कि यह आंकड़ा ज्यादा हो सकता है। उल्लेखनीय है कि चीन में सभी खबरों और सूचनाओं पर सरकार का नियंत्रण होता है।

चीन की सरकार ने वायरस से अब तक 3,270 लोगों की मौत और 81,093 लोगों के वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि की है। तीन महीने पहले मध्य चीन के वुहान शहर से कोरोना वायरस फैला था। कई चीनी नागरिकों ने वीडियो और दस्तावेजों के जरिये सरकारी आंकड़ों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दावा किया कि चीन में बीते तीन माह में 2.1 करोड़ मोबाइल फोन यूजर कम हो गए।