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Paytm ने जारी की चेतावनी, Payment Apps पर हैकर्स ग्राहकों को लगा रहे हजारों का चूना

Paytm ने जारी की चेतावनी, Payment Apps पर हैकर्स ग्राहकों को लगा रहे हजारों का चूना

डिजिटल पेमेंट ऐप्स में धोखाधड़ी की खबरों की पिछले कुछ दिनों से बाढ़ सी आई हुई है। कभी केवाईसी के नाम पर, कभी पैसा रिफंड पाने के नाम पर तो कभी फिशिंग ई-मेल या एसएमएस के झांसे में आकर ग्राहक अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा गवां दे रहे हैं। ज्यादातर मामलों में UPI या पेमेंट गेटवे कंपनी द्वारा सही रेस्पोंस नहीं मिलने और जानकारी के अभाव में पीड़ित कोई भी कार्रवाई नहीं कर पाते हैं। डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के इस समय में ये घटनाएं लोगों का मनोबल तोड़ रही हैं।

हालांकि, थोड़ी सी जागरूकता के साथ अगर ग्राहक कुछ बातों का ध्यान रखें, तो वे डिजिटल पेमेंट ऐप्स के जरिए होने वाली इस धोखाधड़ी से बच सकते हैं। आइए जानते हैं कि पेमेंट ऐप्स के जरिए धोखाधड़ी किस तरह हो रही है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

फिशिंग से बचें

इस प्रकार के फ्रॉड में हैकर ग्राहक को बोगस ई-मेल या एसएमएस लिंक भेजते हैं। ये लिंक बैंकों के लॉग-इन पेज और मोबाइल ऐप्स के लिंक की तरह होते हैं। ग्राहकों को इन लिंक्स पर क्लिक करने के लिए कैशबेक या रिफंड का लालच दिया जाता है। साइबर एक्सपर्ट प्रिया सांखला बताती हैं कि ग्राहक जब इस पर क्लिक करके अपनी जानकारी डालता है, तो वह हैकर के पास चली जाती है। इसके बाद हैकर आपको करेक्ट वेबसाइट पर इनवेलिड मैसेज के साथ रिडायरेक्ट कर देते हैं। वहीं, मोबाइल ऐप में सर्वर इश्यू या इंटरनेट कनेक्शन का एरर दिखाया जाता है।

वहीं जब हैकर ग्राहक से ऐप इंस्टॉल करवाते हैं, तब हैकर द्वारा मोबाइल की लाइट, एसएमएस, कॉल और कॉन्टेक्ट आदि की अनुमति देने के लिए कहा जाता है। अनुमति मिलते ही आपके एसएमएस, कॉन्टेक्ट और कॉल रिलेटेड डेटा सहित बहुत सी आपकी निजी जानकारी हैकर के पास चली जाती है।

विशिंग के ना हों शिकार

इस टाइप के फ्रॉड में धोखेबाज फोन पर आपसे आपकी निजी जानकारी पूछता है। धोखेबाज बैक, यूपीआई या पेमेंट गेटवे साइट का प्रतिनिधि बनकर केवाईसी अपडेट या अन्य किसी व्यवहारिक कारण के लिए ग्राहक को कॉल करता है। इसमें वे ग्राहक से निजी जानकारी लेते हैं, जिससे पिन या पासवर्ड मालूम किया जा सके।