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जिज्ञासा परियोजना: शिक्षकों को 2 डी ग्राफिक डिजाइन, कला और एनीमेशन डिजाइन तकनीक के उपयोग पर दिया प्रशिक्षण

जिज्ञासा परियोजना: शिक्षकों को 2 डी ग्राफिक डिजाइन, कला और एनीमेशन डिजाइन तकनीक के उपयोग पर दिया प्रशिक्षण

जिज्ञासा परियोजना के अंतर्गत चयनित शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं के शिक्षकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद कार्यालय परिसर में सम्पन्न हुआ। स्कूलों में शैक्षणिक शिक्षा को समृद्ध करने के लिए शिक्षकों को 2 डी ग्राफिक डिजाइन, कला और एनिमेशन जैसी डिजाइन तकनीकों के उपयोग पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में शिक्षकों को बताया कि इनकों सीखने की वृद्धि पर ध्यान देने के साथ पाठ्यचर्या संबंधी अवधारणाओं को सीखाने के लिए इसका उपयोग कैसे किया जाता है। 

जिज्ञासा परियोजना आई.पी.ई. ग्लोबल सेंटर ऑफ नॉलेज डेव्हलपमेंट (आई.पी.ई.सी.के.डी.) के द्वारा प्रदेश के रायपुर, राजनांदगांव और दुर्ग जिले के चयनित 200 प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में क्रियान्वित किया जा रहा है। शासकीय प्राथमिक स्कूलों के लगभग 30 शिक्षकों का एक मुख्य समूह शिक्षक और शिक्षिकाओं को डिजिटल डिजाइन प्रौद्योगिकियों पर प्रशिक्षित किया गया था। इसमें शिक्षक क्षमता और कौशल विकसित करने के दोहर उद्देश्य के साथ प्रशिक्षण दिया गया। 

पहले दिन शिक्षकों को प्रशिक्षण में डिजिटल टेक्नोलॉजी के माध्यम से शिक्षण पद्धतियों को और रोचक बनाने में डिजिटल टेक्नोलॉजी का उपयोग करने की जानकारी दी गई। स्कूली बच्चों की अंग्रेजी, हिन्दी के भाषा ज्ञान की दक्षताओं का संवर्धन और गणित तथा विज्ञान के शिक्षण को सुदृढ़ करने के लिए भी डिजिटल प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में वोडाफोन फाउण्डेशन का डिजिटल लर्निंग वेबसाइट पोर्टल ’गुरूशाला’ की जानकारी दी गई। इस पोर्टल में शिक्षक अपना पंजीयन कर सीधे शिक्षण पद्धति को सीखने से संबंधित विषय पर आधारित वीडियों का चयन कर सकते हैं। हिन्दी और अंग्रेजी विषय में कहानी पर आधारित और गणित विषय पर सेल्फ लर्निंग मटेरियल का उपयोग कक्षा में कैसे किया जाए, इसका भी प्रशिक्षण दिया गया।

इस अवसर पर संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद श्री पी.दयानंद, अतिरिक्त संचालक श्रीमती सुनिता जैन और अन्य अधिकारी, जिज्ञासा परियोजना की नेशनल कॉर्डिनेटर श्रीमती अनिता शर्मा, वोडाफोन फाउण्डेशन के प्रतिनिधि श्री अंशुमन भी उपस्थित थे।